➤ डोडरा क्वार की लंबित सड़क परियोजनाओं पर विशेष छूट की मांग
➤ पीएमजीएसवाई-IV के तहत 1,500 किमी सड़कें स्वीकृत, 1,200 किमी अतिरिक्त प्रस्तावित
➤ केंद्र ने प्राथमिकता से समाधान का दिया आश्वासन
हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) चरण-4 के तहत राज्य में स्वीकृत और प्रगति पर चल रही परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
बैठक में डोडरा क्वार क्षेत्र की लंबित सड़क परियोजनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया कि पीएमजीएसवाई चरण-1 के तहत स्वीकृत सड़क का कुछ हिस्सा कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, दुर्गम भू-सतह, सीमित कार्य-मौसम और प्रतिकूल मौसम के कारण अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों, सीमावर्ती क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य आपातकालीन सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेष छूट और अतिरिक्त सहयोग की मांग
विक्रमादित्य सिंह ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि डोडरा क्वार के लंबित सड़क पैकेजों और पीएमजीएसवाई-I के शेष कार्यों के लिए विशेष छूट, अतिरिक्त वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि क्षेत्र को शीघ्र सर्व-मौसम सड़क सुविधा मिल सके।
पीएमजीएसवाई-IV में 1,500 किमी स्वीकृत, 1,200 किमी प्रस्तावित
बैठक में यह भी बताया गया कि हिमाचल प्रदेश को पीएमजीएसवाई-IV के तहत लगभग 1,500 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनकी अनुमानित लागत करीब ₹2,300 करोड़ है।
इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार ने पीएमजीएसवाई-IV के दूसरे चरण में लगभग 1,200 किलोमीटर नई सड़कों का प्रस्ताव केंद्र के समक्ष रखा है। इन परियोजनाओं के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किए जा रहे हैं और जल्द स्वीकृति की उम्मीद जताई गई है।
भूमि उपलब्ध कराने की अपील
मंत्री ने जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और भूमि-स्वामियों से अधिकतम संख्या में गिफ्ट डीड उपलब्ध करवाने की अपील की, ताकि सड़क निर्माण के लिए भूमि समय पर उपलब्ध हो सके और अधिक से अधिक अनकवर्ड बस्तियों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा सके।
केंद्र का आश्वासन
शिवराज सिंह चौहान ने हिमाचल की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि डोडरा क्वार के लंबित पैकेजों और आवश्यक वित्तीय अनुमोदनों के विषय को संबंधित स्तरों पर प्राथमिकता से उठाया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने दोहराया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से ग्रामीण हिमाचल में मजबूत, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सड़क नेटवर्क विकसित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह केवल सड़क निर्माण नहीं, बल्कि ग्रामीण समृद्धि और आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



